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यूपी इलेक्ट्रानिक्स एवं विनिर्माण नीति 2014

उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत को विश्व में ESDM का केंद्र बनाने के एजेंडे में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने का दृष्टिकोण स्पष्ट किया है। इसलिए उ.प्र. सरकार ने राज्य के लिए 2014 में इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण नीति भी शुरू की है।

उद्देश्य:

  • राज्य में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर स्थापित करना।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में आगामी फैब इकाई को पूँजी उपलब्ध करना।
  • राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि।
  • ईएसडीएम यूनिटों के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन।

ईएसडीएम यूनिटों के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन (Fiscal Incentives):

Capital subsidy-

  • ईएसडीएम यूनिटों को fixed capital पर 15% capital subsidy (अधिकतम 5 करोड़ रू.)
  • सब्सिडी EMCs (Electromagnetic compatibility) में सक्रिय कंपनियों के लिए ही प्रदान की जाती है और उनकी पूंजी का मूल्यांकन बैंकों या वित्तीय संस्थाओं द्वारा किया है। यह सब्सिडी वाणिज्यिक संचालन के अपने तिथि के आधार पर पहले 10 कंपनियों को प्रदान की जाती है।

ब्याज subsidy-

इकाईयों को बैंकों/वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त ऋण पर 5% की वार्षिक ब्याज सब्सिडी (अधिकतम 5 करोड़ रू.) मिलती है जिसका भुगतान 7 साल के भीतर करना होगा।

स्टाम्प ड्यूटी concession-

ईएसडीएम यूनिटों को नई भूमि की खरीद / लीज पर 100% स्टांप शुल्क छूट दी गई है।

Patents filing पर incentives –

वास्तविक लागत का 50% (घरेलू के लिए अधिकतम 1 लाख व MSME units के लिए लागू अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए 5 लाख) प्रतिपूर्ति।

VAT/CST प्रतिपूर्ति (reimbursement)-

10 साल के लिए वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) और SCT (केन्द्रीय बिक्री कर) पर 100% कर प्रतिपूर्ति।

ईएमसी इकाइयों के लिए अन्य प्रोत्साहन (Other incentives for EMC units):

भूमि का प्रावधान (Provisions of Land)

राज्य की एजेंसियों से भूमि की खरीद पर 25% रियायत या तो EC SPV अथवा EMC के अंतर्गत कंपनियों को प्रदान की जाती है।

औद्योगिक संवर्धन सब्सिडी (Industrial Promotion subsidy)-

यह ब्याज सब्सिडी (जो नई इकाइयों के लिए उपलब्ध incentives का 50% है) मौजूदा इकाइयों के लिए प्रदान की जाती है। हालांकि, यह सब्सिडी केवल मौजूदा इकाइयों की क्षमता बढ़ाने के लिए तभी प्रदान की जाती है यदि पूंजी निवेश 3 साल के भीतर किया गया हो।

अन्य सुविधाएं-

निर्बाध विद्युत आपूर्ति, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी अन्य लाभ प्रदान किये जाते हैं।

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